आज का चमत्कार
शनिवार, 12 जुलाई 2025
उन्नी फेफड़ों के कैंसर से मर रही थी।
2007 में फ्रेडरिकस्टेड की उन्नी को दो-तीन महीनों तक खांसी से परेशानी थी। धीरे-धीरे उसे खांसी के साथ खून भी आता था और छाती में दर्द होता था। उसके नियमित डॉक्टर ने उसे फ्रेडरिकस्टेड के अस्पताल में जांच के लिए भेजा, जहाँ उसकी फेफड़ों की एक्स-रे की गई। डॉक्टर ने कहा, "तुम्हारे फेफड़े कैंसर से भरे हुए हैं।" उसके पति रेमंड ने 15–20 कैंसर की गांठें एक्स-रे में देखीं। उन्नी और रेमंड सीधे घर गए और तुरंत मेरे कार्यालय में फोन किया। मैंने फोन पर उसके लिए प्रार्थना की। एक हफ्ते बाद वे अस्पताल में नए चित्र लेने के लिए गए। सोचिए, उस समय सभी गांठें गायब हो चुकी थीं! डॉक्टर यह नहीं समझ सके कि क्या हुआ, क्योंकि उन्नी को कैंसर के लिए कोई दवा या अन्य उपचार नहीं मिला था।

